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अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण सेवा उपसंभाग रायसेन का कार्यालय इन दिनों खुद हादसे को न्योता देता दिखाई दे रहा है।

मौत के साए में चल रहा सरकारी दफ्तर, रायसेन में जर्जर भवन में बैठने को मजबूर कर्मचारी
तारिक खान-रायसेन की आवाज़ & प्रदेश की स्याही

रायसेन। अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण सेवा उपसंभाग रायसेन का कार्यालय इन दिनों खुद हादसे को न्योता देता दिखाई दे रहा है। कार्यालय भवन की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि दीवारों में लंबी-लंबी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। कई स्थानों पर दीवारें पिलर और बीम से अलग हो चुकी हैं, जिससे भवन की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

छत से लगातार प्लास्टर झड़ रहा है और आरसीसी की लोहे की रॉडें खुलकर बाहर आ चुकी हैं। इसके बावजूद कर्मचारी, बाबू और चपरासी इसी खतरनाक छत के नीचे बैठकर काम करने को मजबूर हैं। हर पल डर बना रहता है कि कब छत का कोई हिस्सा गिर जाए और बड़ा हादसा हो जाए।

हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार विभाग को इस खतरे की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ऐसा प्रतीत होता है मानो विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा हो। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी दिन जानलेवा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।

कर्मचारियों में भय का माहौल है, लेकिन मजबूरी में वे अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या कर्मचारियों की जान की कीमत इतनी कम है? क्या प्रशासन तब जागेगा जब कोई अनहोनी हो जाएगी?
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने प्रशासन से तत्काल भवन का तकनीकी निरीक्षण कराने, दफ्तर को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने और जर्जर भवन की मरम्मत या नए भवन की व्यवस्था करने की मांग की है। अन्यथा यह भवन कभी भी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है।

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